सूप्रिम कोर्ट का कहना है कि चौधरियों/पटेलों को आरक्षण कि जरूरत नहीं
हें, हाॅ भाई सही कहा चौधरियों को आरक्षण कि जरूरत नहीं हें, क्योंकि हम
पटेलों का जमीर आज भी जिन्दा है। जो सरकार द्वारा किये गये जातिगत आरक्षण
के भेदभाव के बाद भी देश सेवा का जज्बा रखते है।क्या पटेल आरक्षण के लिये
रेल की पटरी नही उखाड़ सकते? पटेल भी ये कर सकते है, पर हमे अपनी मात्रभूमि
का अपमान नहीं करना है। दुनिया जानती ह
ै
कि आरक्षण विकलांग या गरीबों के लिये होना चाहिए, ना कि जातिगत क्योंकि
पटेलों मे भी गरीब लोग है। सरकार उनका हिस्सा कैसे छीन सकती है? याद रहे हर
अति का अंत होता है। जिस दिन पटेलों ने आरक्षण से परेशान होकर क्रांति छेङ
दी उस दिन "जज भी हमारा होगा और अदालत भी हमारी, ना संविधान रहेगा, और ना
हि तिरंगा।'' भगवान ना करे ऐसी नोबत आए। सरकार अपना धर्म भूल सकती है लेकिन
पटेलों को आज भी अपना धर्म याद है। देश हमे धोखा दे सकता है, हम देश को
नही। पटेल शांतिप्रिय कौम हैं, हमारी शालीनता का नाजायज फायदा उठाने की
सोचना भी मत, क्योकि गायों के भी सींग होते हैं। जरा बचा के रहना, हम
धरतीपुत्र है ।हम ऋषि वंश है...............
जय श्री राजेश्वर...........
लेखक श्री हितेश चौधरी