डॉ श्री नवीन भाई सुपुत्र श्री प्रागारामजी चौधरी निवासी धानोल, डॉ श्री कृष्णकुमार सुपुत्र श्री सांवलारामजी चौधरी निवासी पथमेड़ा तथा डॉ श्री निम्बाराम सुपुत्र श्री पीरारामजी चौधरी निवासी पांचला का पशु चिकित्सा अधिकारी बनने पर CAPS परिवार की और से हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की मंगल कामनाएँ
हार्दिक बधाई
डॉ श्री नवीन भाई सुपुत्र श्री प्रागारामजी चौधरी निवासी धानोल, डॉ श्री कृष्णकुमार सुपुत्र श्री सांवलारामजी चौधरी निवासी पथमेड़ा तथा डॉ श्री निम्बाराम सुपुत्र श्री पीरारामजी चौधरी निवासी पांचला का पशु चिकित्सा अधिकारी बनने पर CAPS परिवार की और से हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की मंगल कामनाएँ
हार्दिक बधाई

हार्दिक बधाई..
हमारे समाज के होनहार रत्न श्रीमान Er ठाकरारामजी चौधरी s/o स्व.श्री छोगारामजी चौधरी, गोञ- सौलंकी गांव-मोतीसरी (तह.-आहोर, जालौर) के CBEC में एग्जामीनर (मुबंई बंदरगाह) पद पर चयनीत होने तथा पदभार ग्रहण करने पर ढेर सारी बधाई।
हाल ही में इनका भारतीय रेलवे में सिनियर सेक्शन इंजिनियर (SSE) (अजमेर, राजस्थान) में चयन हुअा हैं।
साथ ही इनका पहले भी कई सारी नौकरीयाें में चयन हो चुका हैं । ये स्टेशन कंट्रोलर दिल्ली मेट्रो,मेनेजर कोपरेटिव बैंक,ट्रेफिक इंस्पेक्टर जालौर डिपो तथा विभिन्न बैंक एग्जामस् में चयनित हो चुके हैं।
इन्होने समय-समय पर संत श्री किशनारामजी विश्रान्ति गृह,जयपुर( गुरूकुल)के विधार्थियों का मार्गदर्शन व हौसला अफजाई किया हैं।गुरूकुल परिवार आपका तहेदिल से शुक्रीया अदा करता हैं।
गुरूकुल से Er डायाराम R चौधरी,मोतीलाल पटेल,केराराम तरक(कोरा),सुजाराम चौधरी,सत्यप्रकाश चौधरी, अनुप चौधरी, Erअशोक कुमार, Er कमलेश चौधरी (मैञीवाडा़) एवं Er कृष्ण P चौधरी(पांचला) इनके उज्जवल भविष्य की मंगलकामनाएं करते हैं।।
पूजनीय संत श्री की 9 वीं पुण्यतिथि मनाई गई
इस अवसर पर गुरुकुल के छाञो ने दीप प्रवज्लित व पुष्प अर्पित करके मौन रखकर श्रध्दांजली दी । तथा विष्णु महाराज ने संत श्री किशनारामजी महाराज की जीवनी पर प्रकाश डाला । उन्होने बताया की गुरुमहाराज ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के उत्थान के लिए बालिका शिक्षा को बढावा दिया तथा कई प्रमुख शहरो मे संत श्री राजारामजी शिक्षण संस्थानों का निर्माण करवाया। जिसका लाभ समाज के युवा पीढी को मिल रहा हैं।
इस आयोजन पर प्रवीण पटेल (रोहिचा कलां), Er.अनोप चौधरी (रोहिचा खुर्द), महादेव चौधरी व रमेश बिछावाडी उपस्थित थे।
