सेंसेक्स और निफ्टी में आज सुबह से ही बिकवाली देखने को मिल रही है। सेंसेक्स में 600 अंक और निफ्टी में 180 अंक की बड़ी गिरावट है। निफ्टी ने 8200 के मनोवैज्ञानिक स्तर और सेंसेक्स ने 27000 के स्तर को भी तोड़ दिया है। मार्केट एक्सपर्ट कहते है कि खराब अंतरराष्ट्रीय संकेतों और रुपए में कमजोरी के चलते बाजार में बिकवाली देखने को मिल रही है। आज के कारोबार में एनएसई के सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे है। बैंक निफ्टी 2.50 फीसदी गिरकर 17,742 के स्तर पर है। वहीं, ऑटो, फाइनेंस, मीडिया, रियल्टी इंडेक्स दो फीसदी लुढ़क चुके है।
बाजार में कारोबार के इस दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा, वेदांता, टाटा स्टील, पीएनबी, अंबुजा सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, हिंडाल्को और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में 5.6-2.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि हीरो मोटो, डॉ रेड्डीज और कोल इंडिया जैसे दिग्गज शेयरों में 3.75-0.7 फीसदी की मजबूती आई है।
मिडकैप शेयरों में रिलैक्सो फूटवियर, एचडीआईएल, ट्रेंट, वा टेक वाबग और एसकेएस माइक्रोफाइनेंस सबसे ज्यादा 5.6-4.5 फीसदी तक टूटे हैं। स्मॉलकैप शेयरों में पीएफएल इंफोटेक, न्यूक्लियस सॉफ्ट, जुआरी एग्रो, स्पाइस मोबिलिटी और बिन्नी सबसे ज्यादा 7.25-5 फीसदी तक गिरे हैं।
क्यों है शेयर बाजार में गिरावट
अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर देखने को मिला है। जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखने को मिल रही है।
डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी से भी बाजार में बिकवाली हावी है। आज रुपए में एक बार फिर गिरावट गहरा गई है। 1 डॉलर की कीमत फिर से 64 रुपए के पार निकल गई है। सोमवार की थोड़ी रिकवरी दिखाने के बाद रुपए ने आज कमजोरी के साथ शुरुआत की है। आज डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे की भारी कमजोरी के साथ 64.11 के स्तर पर खुला है। वहीं सोमवार के कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपया 63.85 के स्तर पर बंद हुआ था।
जीएसटी बिल एक बार फिर अटक गया है। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) संविधान संशोधन विधेयक को राज्य सभा सलेक्ट कमेटी के पास भेजा दिया गया है। कमेटी संसद के अगले सत्र के पहले हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देगी। सलेक्ट कमेटी का अध्यक्ष भूपेंद्र यादव को बनाया गया है। इसका असर भी शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है।
बाजार के विशेषज्ञों की राय
मायस्टॉक के हेड लोकेश उप्पल के मुताबिक कैश मार्केट में एफआईआई और डोमेस्टिक फंड दोनों ने खरीदारी की है। वायदा कारोबार में भी इंडेक्स फ्यूचर्स और स्टॉक फ्यूचर्स दोनों में एफआईआई ने खरीदारी की है, तो कहीं ना कहीं अब थोड़ा सा बिकवाली का दबाव खत्म होता हुआ दिख रहा है और अब थोड़ी थोड़ी खरीदारी होती दिख रही है जो कि एक अच्छा संकेत है। हालांकि ग्लोबल संकेत बहुत ज्यादा सपोर्टिव नहीं है।
आज इन आंकड़ों पर रहेगी नजर
आज बाजार बंद होने के बाद आईआईपी और रिटेल महंगाई के आंकड़े आएंगे। बाजार की आगे की चाल के लिए ये दोनों ही आंकड़े काफी अहम होंगे। इस साल फरवरी महीने में आईआईपी ग्रोथ 5 फीसदी रही थी। वहीं, मार्च महीने में रिटेल महंगाई दर 5.17 फीसदी रही थी।
अब क्या करें निवेशक
फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर कहते है कि बाजार 8000 के स्तर पर सपोर्ट लेगा और 8000 से 8350 के दायरे में रहेगा। पिछले 2 दिनों में बाजार 8000 से 8320 तक चला गया था। तो इतनी बढ़त के बाद निश्चित तौर पर एक करेक्शन आना था। जगदीश ठक्कर के मुताबिक किसी भी ट्रेडर्स को इस समय 8000 से 8350 का रेंज लेकर चलना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फिलहाल ये ही सलाह होगी, कि वे बाजार में अच्छे शेयरों में निवेश करें। इस समय बाजार फार्मा, आईटी जैसे सेक्टरों में कई अच्छे शेयर उपलब्ध हैं। ऐसे में निवेशकों को किसी भी गिरावट पर क्वालिटी स्टॉक खरीदने और कम कीमत में अच्छा पोर्टफोलियो बनाने की रणनीति अपनानी चाहिए
दो दिन की तेजी के बाद बाजार में फिर बिकवाली हावी, सेंसेक्स 27000 के नीचे फिसला
Shankar L. Anjana Luniyasar
किसी डिग्री का ना होना दरअसल फायेदेमंद है, अगर आप इंजिनियर या डाक्टर हैं तब आप एक ही काम कर सकते हैं | पर यदि आपके पास कोई डिग्री नहीं है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं |
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