क्रूड हुआ महंगा, लगातार 9वें हफ्ते जारी है कीमतों में तेजी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड 1983 के बाद सबसे लंबी तेजी के करीब है। यह लगातार 9वां हफ्ता है, जब डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में तेजी की ओर बढ़ रहा है। 32 साल पहले इतनी लंबी साप्ताहिक तेजी देखने को मिली थी। दरअसल, डॉलर में कमजोरी और अमेरिका में उत्पादन गिरने की संभावना से क्रूड के दामों में उछाल आया है। साथ ही ग्लोबल स्तर पर मांग में इजाफा होने की उम्मीद भी लगाई जा रही है। अब तक क्रूड की कीमतों में निचले स्तर से करीब 50 फीसदी तक उछाल आ चुका है। 

1983 के बाद क्रूड में सबसे लंबी साप्ताहिक तेजी 

साप्ताहिक आधार पर लगातार 9वें हफ्ते में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। हालांकि शुक्रवार को नायमैक्स पर डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें 0.12 फीसदी की गिरावट के साथ 59.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। जबकि 8 मई (शुक्रवार) को डब्ल्यूटीआई क्रूड 59.39 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमतें स्थिर होकर 66.66 डॉलर प्रति बैरल पर है। घरेलू बाजार एमसीएक्स पर कच्चा तेल 0.66 फीसदी की बढ़त के साथ 3800 रुपए के पार पहुंच गया है।

क्रूड कीमतों में तेजी अभी टिकाऊ नहीं

एंजेल कमोडिटी के एवीपी अनुज गुप्ता के अनुसार कमजोर फंडामेंटल्स के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। मंगलवार को पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) ने मासिक रिपोर्ट जारी कर कहा था, कि ग्लोबल स्तर पर डिमांड बढ़ने की पूरी उम्मीद है। वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी एनर्जी विभाग ने देश में उत्पादन घटने का अनुमान लगाया है। अनुज के मुताबिक जब तक ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर के पार नहीं पहुंच जाता, तब तक क्रूड की कीमतों में आई तेजी पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। 

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