मौजूदा समय में मानवाधिकार क्षेत्र अपने विकास के चरम पर है और क्षेत्र को आज भी समाज सेवा से जोड़कर देखा जाता है। पर अब यह महज समाज सेवा नहीं रह गया है बल्कि एक करियर के रूप में उभरकर सामने आया है। शिक्षित युवाओं के अलावा दूसरे कई और प्रोफेशनल्स के लिए भी इस क्षेत्र में कई अवसर उपलब्ध हैं। मानवाधिकार की जानकारी न सिर्फ आपको अपना हक दिलाती है बल्कि अच्छा रोजगार भी दिला सकती है।
ह्यूमन राइट्स यानी मानव अधिकार मनुष्य के अस्तित्व से जुड़ा अभिन्न अंग है। ऐसा माना जाता है कि जन्म के साथ ही हमें प्रकृति द्वारा कुछ अधिकार स्वयं मिल जाते हैं जिन्हें हमसे कोई नहीं छीन सकता। इन्हीं मानवाधिकारों में प्रमुख है- सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार, स्वतंत्रता और समानता के साथ सामाजिक न्याय के अधिकार। हमारे विकास के साथ-साथ मानवाधिकारों का भी विकास होता गया है। पिछले दो दशकों में मानवाधिकार क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है। जहां एक ओर लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुए हैं, वहीं रोजगार क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है। इसे एक नई विधा के रूप में काफी अहमियत भी मिली है।
पाठ्यक्रम : ज्यादातर विश्वविद्यालय मास्टर या स्नातकोत्तर कार्यक्रम में मानवाधिकार को मुख्य विषय के रूप में रखते हैं। कुछ विश्वविद्यालय, संस्थाएं एवं कॉलेज डिप्लोमा और प्रमाणपत्र भी चलाते हैं। इन पाठयक्रमों में प्रवेश पात्रता सामान्यत: किसी विषय में स्नातक डिग्री होती है।
प्रमुख संस्थान- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन राइट्स, दिल्ली मुंबई यूनिवर्सिटी, मुंबई देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर डॉ. बीआर आम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ भारतीय मानवाधिकार संस्थान, नई दिल्ली भारतीय विधि संस्थान, नई दिल्ली।
योग्यता : मानवाधिकार में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करके आप इस क्षेत्र में अच्छा करियर बना सकते हैं. आजकल यूनिवर्सिटी, कॉलेज और इंस्टीट्यूट्स ह्यूमन राइट्स में तीन साल का डिग्री कोर्स कंडक्ट करते हैं जो 12वीं के बाद किया जा सकता है। इसके अलावा, ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस और डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध हैं, जिनके लिए आपका किसी भी क्षेत्र में ग्रेजुएट होना जरूरी है।
गुण : शैक्षिक योग्यता के अलावा ऐसी कई गुण हैं, जो इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए जरूरी हैं। ये योग्यताएं हैं बेहतर लेखन क्षमता, कानून की अच्छी समझ, मैनेजमेंट की जानकारी, बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स, रिसर्च स्किल्स, इंटरव्यू स्किल्स, डॉक्युमेंटेशन स्किल्स, टीमवर्क स्किल्स, नेटवर्किंग स्किल्स, रिपोर्टिंग स्किल्स, फंडरेजिंग स्किल्स, क्राइसिस रिस्पॉन्स स्किल्स आदि। अगर आपको लगता है कि ये सारी स्किल्स आपमें हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त है।
वेतनः इस फील्ड में वेतन इस पर निर्भर है कि आप सरकारी, गैरसरकारी, समाजसेवी, अंतरराष्ट्रीय संस्था, कॉरपोरेट हाउस में हैं और भारत में हैं या विदेश में। इसके अलावा, आपकी जॉब परमानेंट, टेंपररी, एड-हॉक या असाइनमेंट बेस है, इस पर भी निर्भर करती है।
रोजगार : खासकर, युवाओं के लिए इस क्षेत्र में कई अच्छे अवसर उपलब्ध हैं। मानवाधिकार में डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करके आप इस क्षेत्र में अच्छा करियर बना सकते हैं।
कार्य का स्वरूपः मानवाधिकार क्षेत्र में प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार की अच्छी संभावनाएं है। इस क्षेत्र में बेशक बहुत-सी संभावनाएं हैं, पर मुश्किलें भी कम नहीं हैं। मानवाधिकारों के उल्लंघन से बचाव और इससे जुड़े अपराधों की हर तरह की रोकथाम के लिए रिसर्च, मानवाधिकारों के विकास पर निगरानी रखना, साइट पर जाकर मामले की जांच-पड़ताल करना, केस स्टडीज लिखना और रिपोर्ट्स तैयार करना, आदि कार्य इस क्षेत्र में करने पड़ते हैं।
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