बैंक ऑफ़ बरोदा, उत्तर गुजरात अंचल की और से विविध क्षेत्रों में श्रेष्ठ योगदान देने के उपलक्ष में बुधवार को गुजराती एवं हिंदी के साहित्यकार डॉ श्री रघुवीर चौधरी को अंचल के प्रमुख आर.एन. शर्मा ने "ज्ञानपीठ पुरुस्कार" की घोषणा पर सम्मान किया।
डॉ. श्री चौधरी ने हिंदी और गुजराती में 100 से ज्यादा साहित्यिक कृतियाँ लिखी हैं जो भारतीय वांगमय की अमूल्य निधि हैं। देश-विदेश में उनके लेखन का बहुत बड़ा पाठक समुदाय हैं जो सदा उनकी लिखी नै कृतियाँ को पढ़ने के लिए उत्सुक रहता हैं। गुजरात के घर-घर में डॉ. श्री चौधरी का नाम परिचित हैं क्योंकि विधालय में उनकी रचनाओं को विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता हैं। डॉ. चौधरी की कई कृतियों का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद भी हो चूका हैं।
इस सम्मान समारोह का संयोजन व संचालन अंचल के प्रमुख मुख्य प्रबंधक (राजभाषा व ग्राहक शिकायत) अतुल कुमार ने किया।
डॉ. श्री चौधरी का सम्मान
Shankar L. Anjana Luniyasar
किसी डिग्री का ना होना दरअसल फायेदेमंद है, अगर आप इंजिनियर या डाक्टर हैं तब आप एक ही काम कर सकते हैं | पर यदि आपके पास कोई डिग्री नहीं है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं |
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Hardic bathai.
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