गजापुरा गांव में करीब आठ दिन पहले आंजना समाज के एक मकान में 10 बारह हथियारबंद युवकों ने हमला करने के साथ लोगों से मारपीट करने घर में आग लगाने की कोशिश करने वाले आरोपी पुलिस पकड़ से दूर हैं। पीडि़तों की मांग पर पुलिस ने घर के बाहर पुलिस जाप्ता तैनात कर रखा हैं। वहीं मुख्य आरोपी सहित बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जसवंतपुरा पुलिस ने सोमवार को विभिन्न स्थानों पर दबिश दी मगर सफलता नहीं मिली। थानाधिकारी अरविंद पुरोहित ने बताया कि 21 मार्च की रात में गजापुरा निवासी लासीदेवी पत्नी भैराराम चौधरी के रहवासीय मकान पर धावा बोलकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट, सामान जलाने इज्जत लूटने का प्रयास करने के बाद पुलिस जीप को टक्कर मारकर राजकार्य में बाधा पहुंचाने के मामले के मुख्य आरोपी गजापुरा निवासी पप्सा उर्फ विक्रमसिंह पुत्र पूरणसिंह देवल, देवेंद्रसिंह पुत्र दलपतसिंह वाडा पादर निवासी विक्रमसिंह की गिरफ्तारी के लिए सोमवार को विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग दलों की ओर से दबिश दी मगर आरोपी पकड़ में नहीं आए। थानाधिकारी पुरोहित ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिस के जवानों अन्य मुखबिरों को अलर्ट करने के साथ गिरफ्तारी के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। इधर,हमले की घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों के नहीं पकड़े जाने से गजापुरा गांव में खौफ का माहौल बना हुआ है। पीडि़त परिवार घर से बाहर निकलने से डर रहा है। यहां तक कि ग्रामीण भी आरोपी पीडि़त परिवार के नाम घर का पता बताने से कतरा रहे है। हालांकि हैड कांस्टेबल भंवरसिंह के नेतृत्व में पुलिस के तीन जवान पीडि़त परिवार के घर पर डेरा डाले हुए हैं।
आरोपी पक्ष ने सिरोही पुलिस से की मामले की जांच करवाने की मांग
21 मार्च की रात गजापुरा गांव में लासीदेवी पत्नी भैराराम चौधरी के घर पर मारपीट इज्जत लूटने के प्रयास की घटना को सांसद देवजी पटेल ने गंभीरता से लेकर रात करीब 12.30 बजे से 22 मार्च को सवेरे 5.30 बजे तक गजापुरा गांव में बैठे रहे तथा पुलिस पर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए दबाव बनाते रहे। इसपर राजपूत समाज ने भी सांसद विरोधी माहौल बनाने का प्रयास शुरु कर दिया है। सांसद की ओर से पुलिस पर बढ़ते दबाव को देखते हुए गत दिनों जसवंतपुरा के पास राजपूत समाज ने बैठक कर सांसद का अनुचित हस्तक्षेप बताते हुए जिलेभर से बड़ी तादाद में समाज के गणमान्य लोगों बैठक में भाग लेकर एकता का परिचय देते हुए अदृश्य रुप से अपनी ताकत दिखाई। हालांकि बैठक में सामाजिक एकता का मुद्दा उठाया गया था। बैठक के बाद ये विवाद दो समाजों के लिए नाक का सवाल बन गया। पीड़ित पक्ष सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजनीतिक दबाव बना रहा है। वहीं, दूसरा पक्ष स्वयं को निर्दोष बताने के साथ इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप को अनुचित बताते हुए घटना की जांच सिरोही जिले में स्थानांतरित करवाना चाहते है। क्षेत्र के लोग ऐसा कयास लगा रहे हैं कि सिरोही पुलिस अधीक्षक से जांच करवाने पर उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार गत दिनों एसपी के निर्देशन में जसवंतपुरा पुलिस ने सिरोही जिलांतर्गत निंबज के पूर्व जागीरदार के कृषि कुओं पर आरोपियों के होने की सूचना पर दबिश भी दी थी, जिसपर सिरोही एसपी ने जालोर एसपी को फोन कर उनसे मदद लिए बिना सीधी कार्रवाई करने पर ऐतराज जताया था।
CAPS की बात
जहाँ एक और आंजना समाज के समाज बंधू के घर हमला हुआ हैं। वहीँ दूसरी और न्याय दिलाने की बजाय कुछ राजनेता गुमशुदा हो गए हैं। वे भूल गए हैं की आप नेता इनके ही वोटों से बने हैं। उल्टा सामाजिक एकता बता रहें हैं। आंजना समाज के तमाम नेताओं में से सांसद श्री देवजी भाई पटेल ही हर जरूरत मंद की तरह आंजना समाज के पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। बाकि के कुछ नेता हमारे भी लापता हैं।
CAPS परिवार समस्त आंजना समाज से अनुरोध करता हैं की आप पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर न्याय के लिए लड़े।
नोट : किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करना चाहते हो तो 9898991272 पर सम्पर्क करें।
0 टिप्पणियाँ:
आपके अतुल्य कमेंट के लिये कैप्स परिवार आपका आभारी है, हमें बेहतर सेवा देना का अवसर प्रदान करे।