सांचौर की भुमी विरो और बलिदानियो की भुमी है। जब जब संकट आया है, ईतिहास गवां है, ईस भुमी ने दील चिर के विर पैदा किये है। इण क्रम में सांचौर की पावन माटी पर गायो की रक्षा कर अपनी विरता से धन्य करने वाले महान योद्धा विर झुंझार देव रो जन्म होयो। और गायों री रक्षा कीनी।
सांचौर रे हाड़ेचा रा गोलिया हरिपुरा में श्री वीर झुंझार बापजी री प्रतिष्ठा उत्सव सियाणी तरक परिवार री तरफ सूं राखी गयी हैं। जिणरी रुपरेखा इण प्रकार हैं, उजाळी आठम तारीख 12-07-2016 ने मंगलवार री जागण(रात्री जागरण) हैं, अर उजाळी नम तारीख 13-07-2016 बुधवार ने जुजार बापजी री पधरामणी (प्रतिष्ठा) हैं, अतः आप सगळा हेताळुआं भाई, सेन गनायतो ने इण उत्सव में शामिल होण रो सगळा आँजणा सियाणी तरक परिवार न्योतो भेज रिया हैं।
समाचार के लिए श्री किशन डी चौधरी हाड़ेचा CAPS परिवार इंदौर
ॐ नमः सिवाय
ReplyDeleteजय हो
ReplyDeleteजय हो
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