अफीम की खेती का लाइसेंस अब ऑनलाइन मिलेगा
अफीम की खेती की ओर लोग सबसे ज्यादा आकर्षित होते हैं। वजह सीधी सी है बहुत ही कम लागत में छप्पर फाड़ कमाई होती है। वैसे तो देश में अफीम की खेती गैरकानूनी है लेकिन अगर इसे नारकोटिक्स विभाग से स्वीकृति लेकर किया जाए, तो फिर आपको कोई डर नहीं।
देश में संभवत पहली बार कोई राज्य सरकार अफीम की खेती के पट्टे अब ऑनलाइन देने की नई शुरुआत कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने ये पहल की है। किसानों को अफीम की खेती के पट्टे वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए नारकोटिक्स विभाग प्रक्रिया ऑनलाइन करने जा रहा है। हर किसान के खाते को आधार से लिंक करना शुरू कर दिया है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगले सीजन यानी 2017 से किसानों को पट्टों का वितरण आॅनलाइन किया जाएगा।
नारकोटिक्स विभाग ने राज्य के मंदसौर, नीमच, रतलाम के सभी किसानों को आधार कार्ड की फोटोकाॅपी कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए हैं। आधार नंबर से ही किसानों की कोडिंग की जाएगी। 2015-16 में विभाग ने 18651 किसानों को पट्टे जारी किए थे। आधार कार्ड की कॉपी मुखिया के माध्यम से विभाग में जमा होगी।
खंड 2 अफीम अधिकारी व्यासजी शुक्ल ने बताया आयुक्त कार्यालय से मिले निर्देश के बाद सभी किसानों के आधार नंबर लिए जा रहे हैं। खंड 3 के अफीम अधिकारी एस.पी. सिंह ने बताया प्रक्रिया शुरू हो गई है पुराने किसानों के रिकाॅर्ड मुख्यालय भेजे जा रहे हैं। 1998 से लेकर अब तक प्रदेशभर में अफीम किसानों की जानकारी फीड की जा रही है। काम खंड स्तर पर एक माह से जारी है।
ये होगा फायदा : किसान और विभाग दोनों को मिलेगी सुविधा
अफीम काश्तकारों के खाते आधार से लिंक करने के बाद किसान व विभाग दोनों के लिए ही सुविधाजनक होगा। किसान सभी जानकारी कहीं से भी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेगा। पट्टा वितरण भी ऑनलाइन होगा। विभाग को भी एक क्लिक पर संबंधित किसान की सारी जानकारी मिल सकेगी।


afim ki kheti ke form ka link mujhe sahiye
ReplyDeletegreat government
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