अब एक और हत्या....

सिरोही(राजस्थान). जयपुर शहर से कुछ दूर मिले लड़के - लड़की के शवों में से बुधवार को लड़के की पहचान कानाराम चौधरी के रुप में हुई। दोनों घरवालों की मर्जी के खिलाफ एक दूसरे के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने सालभर पहले शादी कर ली थी। 
कहां मिले शव...
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रेरणा शेखावत ने बताया किकालूराम कर्नाटक के बेलगांव के तहत खानपुर कस्बे के पास रहता था।
- वह वहां फर्नीचर की दुकान पर नौकरी करता था। इसी दौरान उसकी पहचान वहां की एक लड़की से हुई।
- दोनों में प्रेम हुआ और दोनों ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ सालभर पहले शादी कर ली। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने शादी कब और कैसे की।
- कुछ दिन पूर्व दोनों बग गांव लौटे। मंगलवार सवेरे दोनों के शव अलग-अलग जगहों पर पाए गए।
- पूछताछ के बाद पहले दिन तो लड़के के परिजनों ने शव को पहचानने से इंकार कर दिया।
- इसके बाद बुधवार को लड़के के पिता ने उसकी पहचान तो की, इसके बाद शव लेने से इंकार कर दिया।
- वहीं लड़की की पहचान मुस्लिम के रुप में हुई, लेकिन परिजनों व उसके नाम की जानकारी नहीं मिल पाई। 
 जानिए पूरी लव स्टोरी
 - शुरुआत जिले के छोटे से गांव बग से होती है। यहां का कानाराम तीन चार साल से कर्नाटक में बेलगांव में रहता था। वह यहां एक दुकान पर नौकरी करता था। 

- नौकरी के सिलसिले में वह कई बार खानपुर के एक बैंक में जाता था। उसी बैंक में एक लड़की काम करती थी। कालूराम को उससे प्रेम हुआ।
- बताया जा रहा है दोनों ने सालभर पहले शादी कर ली। जिससे नाराज लड़की के परिजनों ने कालूराम के खिलाफ वहां के थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

- लेकिन पुलिस और कोर्ट के समक्ष लड़की ने लड़के के पक्ष में ही बयान दिए। इसके बाद दोनों के परिजनों ने उन्हें अलग कर दिया। कोई संपर्क नहीं रखा।

- तीन साल पहले लड़के के काका ने कर्नाटक के खानपुर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

- दोनों खानपुर के आसपास ही साथ-साथ रहने लगे। इसी बीच लड़की गर्भवती हो गई। कुछ दिन पहले दोनों वहां से बग गांव के लिए रवाना हुए।

- मंगलवार को अचानक सवेरे पहले लड़की का शव मिला और फिर लड़के का शव। पुलिस ने जांच शुरु की। बुधवार सवेरे लड़के की पहचान हुई, लेकिन परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया।


परिजनों ने नहीं लिया शव, पंचायत की मदद से कालू का अंतिम संस्कार
- शव को पहचानने के बाद लड़के के परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। लड़के के पिता ने पुलिस को लिखकर दिया कि हमारा इससे कोई संबंध नहीं है। इसलिए हम शव नहीं लेंगे। इसके बाद पुलिस ने पंचायत की मदद से उसका अंतिम संस्कार करवाया।
- इधर, लड़की की पहचान मुस्लिम लड़की के रुप में हुई। उसके परिजनों के यहां नहीं होने से पुलिस ने मुस्लिम समाज के लोगों से संपर्क किया, लेकिन समाज के लोगों ने पूरी जानकारी के बिना शव लेने से इंकार कर दिया।
- इसके बाद लड़की का भी अंतिम संस्कार पंचायत की मदद से किया गया, लेकिन उसे मुस्लिम विधि अनुसार दफनाया गया।

आज या कल, ऐसे खुलेगा मामला
- पुलिस की जांच का दायरा दोनों पक्षों के परिजनों तक है। एक जांच टीम खानपुर रवाना हो गई है। वह आज वहां पहुंच जाएगी। खानपुर से लड़की और उसके परिजनों की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हो पाएगी।

- लड़के के परिजनों, बग के ग्रामीणों, लड़के के करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों से पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने काफी जानकारी जुटा ली है। इंतजार केवल खानपुर से इनपुट मिलने का है। यह भी सामने आना है कि दोनों कब और कैसे गांव आए। इसके बाद कहां गए। हत्या किसने और कैसे की।
- पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों की गला घोंटकर हत्या की गई। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए चेहरों को जलाया गया। लड़की गर्भवती थी। अब यह खुलासा होना बाकी है कि इसमें कौन-कौन शामिल थे और किसकी क्या भूमिका रही।

साभार भास्कर

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