मुफ्त में हो सकती है आपकी बेटी की धूमधाम से शादी और बेटे की बड़े कॉलेज में पढ़ाई, सागवान के पेड़ की कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग की पूरी जानकारी, प्रति एकड़ 45 लाख से 1.5 करोड़ रूपए की कमाई
भारत जैसे देश में, और खासतौर पर भारत के ग्रामीण इलाकों में जब किसी घर में बेटी होती है, तो वो उसकी शादी को लेकर बहुत ही ज्यादा परेशान हो जाते है और बेटी के पैदा होते ही उसकी शादी के लिए थोड़ा थोड़ा सामान जोड़ने लगते हैं।
लेकिन अगर किसान थोड़ी सी समझदारी दिखाएं, तो उनकी ना केवल ये चिंता दूर हो सकती है बल्कि जबरदस्त कमाई भी हो सकती है। कमाई का जरिया बन सकता है सागवान का पेड़। जी हां, आपने सही पढ़ा। सागवान की खेती आपको वाकई में करोड़पति बना सकती है। कैसे? इसकी पूरी जानकारी आपको इस रिपोर्ट में मिलेगी।
सागवान कीमती क्यों हैं।
पिछले कई दशकों में देश के जंगलों में सागवान की कटाई इतनी तेजी से हुई कि अब जंगलों से ये पेड़ गायब ही होता जा रहा है। जबकि सागवान की लड़की की क्वालिटी को देखते हुए इसकी डिमांड दिनोंदिन तेजी से बढ़ रही है। सागवान की लकड़ी को ना तो दीमक लगती है और ना ही ये पानी में सड़ता है। इसलिए सागवान का इस्तेमाल फर्नीचर बनाने में तो होता ही है साथ ही इसका इस्तेमाल पानी के हजारों को बनाने में खासतौर पर होता है। सागवान के पेड़ की उम्र करीब 200 साल होती है।
सागवान का पौधा कब लगाया जाना चाहिए
वैसे तो इसे पूरे साल कभी भी लगाया जा सकता है लेकिन परफेक्ट सीजन मार्च से अक्टूबर के बीच ही है। यानी सागवान के पौधे को सर्दी में लगाना सही नहीं होगा। इसके अलावा अगर जमीन, बाढ़ वाले या ज्यादा पाने वाले इलाके में हैं, तो इसको बरसात निकलने के बाद ही लगाना चाहिए।
लागत कीमती आती है।
एक एकड़ में पांच बीघा होता है। पांच बीघा यानी एक एकड़ में 500 पेड़ लग जाते हैं। पौधा भी अलग अलग इलाकों में अलग अलग कीमत पर मिलता हैं। सागवान के पेड़ की कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग करवाने वाली कंपनी Revolving Earth Agro India Pvt Ltd एक पौधे को 79 रूपए में उपलब्ध करवाती है। इसके साथ 1 साल की 100% रिपलेसमेंट गारंटी भी होती है यानी अगर एक साल में कुछ पौधे किसी भी वजह से खराब या मर जाते हैं तो कंपनी बिना की अतिरिक्त खर्च के आपको उतने पौधे दोबारा उपलब्ध करवाती है।
सागवान के पेड़ की कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग करवाने वाली कंपनी Revolving Earth Agro India Pvt Ltd के निदेशक दिनेश तिवारी का कहना है कि इंटरनेट पर आपको कई ऐसे आर्टिकल्स मिल जायेंगे तो एक एकड़ में 500 के बजाय 800 से लेकर 1000 पौधे लगाने की सलाह देंगे। लेकिन ये गलत है क्योंकि पौधों को 10*9 फीट की दूरी पर लगाना जरूरी है। अगर पौधे 5 फीट की दूसरी पर लगाएं जाते हैं, तो इनको सूरज की रोशनी नहीं मिल पाएगी और पौधे सही तरह से पनप नहीं पायेंगे।
कमाई कितनी होगी
सागवान की कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग करने वाली कंपनियां औसत 2500 क्यूबिक फीट का रेट देती हैं। एक पेड़ में 10 से 12 क्यूबिक फीट लकड़ी निकल आती है। यानी एक पेड़ की कीमत 12x2500 = 30,000 रूपए होगी। इस हिसाब से एक एकड़ में 500 पेड़ लगाने पर, इनकी कुल कीमत 500x30,000 = 1.5 करोड़ रूपए होगी।
कितने साल में बिकने लायक हो जाता है
निदेशक दिनेश के मुताबिक सागवान का टिश्यू कल्चर, ड्रिप इर्रिगेशन से 12-15 साल में तैयार होता है, लेकिन फिर भी अगर 10 साल में पेड़ की गोलाई 3 फीट यानी 36 इंच की हो जाए, तो इसे बेचने लायक समझा जा सकता है।
किन किन राज्यों में इसकी अच्छी फसल होती है।
वैसे तो कहीं भी लगाया जा सकता है लेकिन भारत में बर्फ वाले राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में इसे नहीं लगाया जा सकता है। इसके अलावा, समुद्र किनारे बसे शहरों में समुद्र से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर लगाने पर ही सागवान लग सकता है।
कितने पानी की जरूरत होती है
जब पौधा छोटा होता है तो पहले एक महीने तक इसे रोजाना पानी की जरूरत होती है। मानसून में बरसाती पानी काफी होता है और सर्दी के मौसम में महीने में एक बार ही पानी देना पड़ता है। एक साल के बाद हफ्ते में एक बार पानी देने की जरूरत पड़ती है।
क्या सागवान के साथ दूसरी फसल लेना संभव है
ये बिल्कुल संभव है। आप अगर अपने खेत पर कोई फसल लगाने के साथ साथ सागवान के खेती भी करना चाहते हैं तो आपको खेत की मेड़ पर सागवान का पौधा लगाना होगा। एक एकड़ खेत की मेड़ की औसत लंबाई चौड़ाई 200 गुणा 220 की होती है, जिस पर करीब 150 पौधे लगाए जा सकते हैं। लेकिन मेड़ पर पौधे 10 गुणा 9 फीट की दूरी पर नहीं बल्कि 5-5 फीट की दूरी पर लगेंगे। यानी आप अपनी प्रमुख फसल के साथ साथ सागवान की फसल का भी भरपूर फायदा उठा सकते हैं। 150 पेड़ 30,000 रूपए प्रति पेड़ करीब 10 साल के बाद 45 लाख रूपए के हो होंगे।
मिट्टी की जांच
जिस खेत पर आप सागवान का पेड़ लगाना चाहते हैं उसकी मिट्टी की जांच पहले जरूर करवा लें। मिट्टी की जांच रिपोर्ट अगर पीएच वेल्यू (PH Value) 6.50 से 8.50 के बीच होती है, तभी आप सागवान का पौधा लगाएं।
सागवान को किससे है खतरा
सागवान के पौधे को उस जमीन में बिल्कुल ना लगाएं, तो पानी से भरा रहता है। इसके अलावा, इसे कीड़ा लगने और दीमक का भी खतरा रहता है। ध्यान रहे कि सागवान के पौधे को दीमक लग सकती है लेकिन जब ये कटकर फर्नीचर में बदल जाता है तो इसके दीमक नहीं लगती। इन सभी से बचने के लिए कॉन्ट्रेक्ट करने वाली कंपनी ट्रेनिंग देती है।
खरीदेगा कौन
इसे बेचने के दो तरीके हैं – पहला किसी कंपनी के साथ कॉन्ट्रेक्ट कर लिया जाए और दूसरा बुलंदशहर जैसे खुले बाजार में इनको बेचा जाए।
अगर आपके पास पहले से सागवान के पेड़ लगे हुए हैं और अब वो 10 साल से ज्यादा के हो गए हैं और आपने किसी कंपनी से पहले से कॉन्ट्रेक्ट भी नहीं किया है, तो आप या तो इनको खुद बुलंदशहर के खुले मार्केट में बेच सकते हैं या फिर सागवान के पेड़ खरीदने वाली Revolving Earth Agro India Pvt Ltd जैसी कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं।

http://kisankhabar.com/how-to-do-contract-farming-for-sagwan-tree-in-india/ ये खबर सबसे पहले किसानखबर.कॉम पर पोस्ट हुई थी। बेहतर होगा कि आपके खबर के अंतर में या ऊपर इसके सोर्स के तौर पर किसानखबर.कॉम जरूर लिखें। आपने कई और खबरें हमारी वेबसाइट से उठाकर कॉपी पेस्ट कर दी है। अगर आप ऐसे ही करते हैं रहेंगे कि तो गूगल आपकी वेबसाइट को नेगेटिक रैंकिंग देता रहेगा.. और साइट बेकार हो जाएगी...
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