Recent News

फॉर्म : अपने गाँव को एप्प पर अपडेट करे

Find Recent News of Aanjana Samaj Here


  • 1. आँजणा (चौधरी) समाज निर्देशिका के विमोचन
  • 2. सूचना :- CAPS के अपडेट वर्जन के बारे में
  • 3. Opening Tomorrow
  • 4. अतिथि गृह का लोकार्पण कल, समाज के अग्रणी करेंगे शिरकत
  • 5. डिप्टी सेक्रेटरी बनने पर बधाई
  • 6. अब एक और हत्या....
  • 7. क्या वाकई नीम के दातुन की कीमत 65 रूपये
  • 8. टेनिस टूर्नामेंट में महेसाणा की वैदेही चौधरी विश्व चेम्पियन
  • 9. मदुरै आँजणा समाज द्वारा भूमि खरीदी
  • 10. मेसरा में धूमधाम से मनाई गुरु पूर्णिमा
  • 11. श्री महाराज का चातुर्मास आज से
  • 12. करोड़ों की कमाई कराने वाली चंदन की खेती कैसे करें, पूरी रिपोर्ट
  • 13. भजन संध्या आज
  • 14. विशाल रक्तदान शिविर 01 अगस्त को
  • Flash News: CAPS App Update on 15 August

    About Us

    इस ब्लॉग के सारे लेखों पर अधिकार सुरक्षित हैं इस ब्लॉग की सामग्री की किसी भी अन्य ब्लॉग, समाचार पत्र, वेबसाईट अथवा सोशियल साइड्स पर प्रकाशित एवं प्रचारित करते वक्त लेखक का नाम एवं लिंक देना जरुरी हैं।

    Advertisement

    Showing posts with label जीवन शैली. Show all posts

    घर में इन चीजों के होने से आता है तनाव, कलह और दरिद्रता

    घर में सुख और समृद्धि बनाए रखने के लिए प्राचीन काल से ही बड़े-बुजुर्ग वेदों-शास्त्रों में लिखी बातों पर अमल करते आएं हैं। बदलते परिवेश के साथ आज के नौजवान उन बातों को नहीं मानते। उनके द्वारा बताई गई सोच को रूढिवादी सोच का नाम दे दिया जाता है। ऐसी ही गलत धारणा उनकी सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है और प्रगती के मार्ग में अवरोध पैदा करती है।

    घर में ऐसी बहुत सी चीजें होती हैं जिनकी अवश्यकता न होते हुए भी वो घर में पड़ी रहती हैं। चाहे वो टूटी-फूटी हालत में हों या बेकार पड़ी हों। ये चीजें पारिवारिक सदस्यों में मानसिक तनाव, कलह-क्लेश और दरिद्रता का कारण बनती हैं। अगर इन्हें अपने घर से निकाल दिया जाए तो कई परेशानियों का समाधान होता है।

    1. घर में टूटे-फूटे बर्तन रखना दरिद्रता का निवास बनाने के बराबर हैं।

    2. टूटा हुआ शीशा घर में किसी भी रूप में रखने से बरकत कम होती है।

    3. दंपत्ति के कमरे का बैड टूटा हुआ होगा तो उनके रिश्ते में दरार और दूरी बढ़ती जाती है।

    4. घर में घड़ी का निरन्तर चलते रहना विकास का प्रतीक है बेशर्ते उस पर धूल-मिट्टी न जमे। अंडाकार, गोल, अष्टभुजाकार और षट्भुजाकार घड़ीयां बहुत ही शुभ होती हैं।

    5. ताजमहल को प्रेम का प्रतीक मानकर घर में न रखें। इससे दंपत्ति में प्रेम बढ़ने की बजाय दूरीयां बढ़ती हैं।

    6. घर का मुख्य द्वार टूटा हो या उसमें कोई विकार पैदा हो जाए तो उसे तुरंत ठीक करवाएं क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा को घर में आने का मार्ग मिल जाता है।

    7. घर में पॉजिटिव एनर्जी और समृद्धता बनाए रखने के लिए शीशम, महुआ, अर्जून, बबूल, खैर, नागकेशर पेड़ की लकड़ी वाला फर्नीचर ही घर में रखें।

    ये हैं अच्छे स्वास्थ्य के 6 लक्षण, जानिए कितने स्वस्थ हैं आप?

     ये हैं अच्छे स्वास्थ्य के 6 लक्षण, जानिए कितने स्वस्थ हैं आप?
    हर इंसान स्वयं को पूरी तरह से स्वस्थ व हेल्दी महसूस करता है, जब तक कि उसे अचानक कोई रोग नहीं घेरता। रोग होने पर उसे पता चलता है कि वह किस भ्रम में जी रहा था। एक सामान्य मनुष्य को देखकर यह पता लगाना मुश्किल है कि वह वास्तव में पूरी तरह से स्वस्थ है या नहीं।
    कुछ लोग स्वयं को फिट दिखाने की कोशिश जरूर करते हैं, लेकिन वास्तविकता में ऐसा होता नहीं है। अच्छे स्वास्थ्य के कुछ खास मापदंड हैं। आज हम आपको इन्हीं मापदंडों के बारे में बता रहे हैं। आप इन मापदंडों पर कितने खरे उतरते हैं, इसके आधार पर आप स्वयं के स्वास्थ्य के बारे में अनुमान लगा सकते हैं-
    1. एक स्वस्थ इंसान को सुबह और शाम को खुलकर भूख लगती है। उम्र के अनुरूप वह अपना संपूर्ण आहार ग्रहण करता है। यदि ऐसा नहीं है तो समझ लीजिए आप स्वस्थ नहीं हैं।
    2. गहरी नींद अच्छे स्वास्थ्य की निशानी मानी जाती है। कुछ लोगों को बिस्तर पर सोते ही गहरी नींद आ जाती है। यह एक अच्छा संकेत है, लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो आपको समझ जाना चाहिए कि आपके स्वास्थ्य में कुछ गड़बड़ है।
    3. रात भर सोने के बाद स्वस्थ व्यक्ति सुबह जागने पर भरपूर ताजगी और स्फूर्ति का अनुभव करता है। यदि सोने के बाद भी किसी व्यक्ति को थकान महसूस होती है तो उसे चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

    4. एक स्वस्थ व्यक्ति में गर्मी और ठंड सहने की पर्याप्त क्षमता होती है।
    5. स्वस्थ मनुष्य को प्रतिदिन सुबह बिना किसी प्रयास के खुलकर शौच होता है। ये भी अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है।

    6. शारीरिक श्रम करने पर एक स्वस्थ व्यक्ति को अत्यधिक थकान महसूस नहीं होती है। सामान्य थकान के बाद उसमें पुन: चुस्ती आ जाती है। स्वस्थ इंसान की पहचान की इन कसौटियों पर यदि आप खरे नहीं उतरते हैं, तो आपको किसी चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

    आप जानते हैं, क्यों है भारत में हाथ से खाने की परंपरा ?

    चम्मच और कांटे से खाना वर्तमान समय में एक स्टेटस सिंबल बन गया है, जबकि हाथ से भोजन करना भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। यही कारण है भारत में आज भी अधिकांश लोग हाथ से खाना पसंद करते हैं, लेकिन पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में कई लोगों ने छुरी, कांटे या चम्मच से खाना शुरू कर दिया है, क्योंकि वो ये नहीं जानते कि अपने हाथों से खाना खाने के कई हेल्दी फायदे हैं यदि आप भी इन स्वास्थ्य संबंधित फायदों से अनजान है तो हम आपको बताते हैं हाथ से खाना खाने से होने वाले फायदों के बारे में…

    हाथों में है प्राण ऊर्जा- आयुर्वेद के अनुसार हमारे हाथों प्राणाधार एनर्जी होती है। इसका कारण है कि हम सब पांच तत्वों से बने हैं, जिन्हे जीवन ऊर्जा भी कहते हैं। ये पांचों तत्व हमारे हाथ में मौजूद हैं। हमारे हाथों का अंगूठा अग्नि का प्रतीक है। तर्जनी उंगली हवा की प्रतीक है। मध्यमा उंगली आकाश की प्रतीक है। अनामिका उंगली पृथ्वी की प्रतीक है और सबसे छोटी उंगली जल की प्रतीक है। इनमे से किसी भी एक तत्व का असंतुलन बीमारी का कारण बन सकता है।

    जब हम हाथ से खाना खाते हैं तो हम उंगलियों और अंगूठे को मिलाकर खाना खाते हैं और इससे जो हस्त मुद्रा बनती है। उसमें शरीर को निरोग रखने की क्षमता होती है। इसलिए जब हम खाना खाते हैं तो इन सारे तत्वों को एक जुट करते हैं जिससे भोजन ज्यादा ऊर्जादायक बन जाता है और यह स्वास्थ्यप्रद बनकर हमारे प्राणाधार की एनर्जी को संतुलित रखता है।

    पाचन क्रिया में सुधार होता है
    टच हमारे शरीर का सबसे मजबूत अक्सर इस्तेमाल होने वाला अनुभव है। जब हम हाथों से खाना खाते हैं तो हमारा मस्तिष्क हमारे पेट को यह संकेत देता है कि हम खाना खाने वाले हैं। इससे हमारा पेट इस भोजन को पचाने के लिए तैयार हो जाता है, अौर पाचन तंत्र से खाना पचाने वाले रासायन स्त्रावित होने लगते हैं। जिससे पाचन क्रिया सुधरती है।

    तापमान का ख्याल रहता है
    आपके हाथ अच्छे तापमान संवेदक का काम भी करते हैं। जब आप भोजन को छूते हैं तो आपको अंदाजा लग जाता है कि यह कितना गर्म है और आप इसे अपने शरीर की आवश्यकता के अनुसार तापमान पर ही ग्रहण करते हैं और यही शरीर के लिए फायदेमंद भी होता है।

    एकाग्रता बढ़ाता है
    हाथ से खाना खाने में आपको खाने पर ध्यान देना पड़ता है। इसमें आपको खाने को देखना पड़ता है और जो आपके मुह में जा रहा है उस पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है। इसे माइंडफुल ईटिंग भी कहते है। इसलिए यह मशीन कि भांति चम्मच और कांटे से खाना खाने से ज्यादा स्वास्थयप्रद है। माइंडफुल ईटिंग के कई फायदे हैं इनमे से सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है कि इससे खाने के पोषक तत्व बढ़ जाते हैं। जिससे पाचन क्रिया सुधरती है और यह आपको स्वस्थ रखता है।