शिकारपुरा धाम पीठाधीश्वर परम् पूज्य प्रातः स्मरणिय गुरूवर श्री श्री 108 महन्त श्री दयारामजी महाराज के सानिध्य मे शिकारपुरा धाम में दिनाक 23/04/17 को युवा जागृति मंच के तत्वाधान मे युवा संस्कार कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ जिसमे हजारो युवाओ की उपस्थिति रही।
गुरुदेव ने अपने एक घण्टे से लम्बे उदबोधन मे युवाओ को आह्ववान किया कि समाज की एकता एवं अखंडता को बरक़रार रखते हुए समाज में व्यापत कुरीतियों को मिटाने के लिऐ हर युवा को यथासंभव प्रत्येक क्षेत्र में समाज के विकास के लिए अपना योगदान देना जरूरी है।
गुरुदेव ने शिकारपुरा आश्रम परम्परा गुरु-शिष्य परम्परा का परिचय करवाया और ऐसी व्यवस्था को आत्मसात करते हुए हमे समाज कि दिशा व दशा का चिन्तन मंथन करना होगा और युवाओ को समाज के लिऐ निरन्तर दिपक कि भाती प्रकाशित होकर निरन्तर जलना होगा । तभी हम समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुच सकते है और समाज को अनन्त ऊंचाइयों तक पहुचा सकते है।
युवा संस्कार कार्यशाला मे गुरुजी ने युवाओ से आहवान किया कि संघे शक्ति कलियुगे इस कलियुग के समय मे समाज को आगे बढाने के लिऐ सबसे बड़ी जरुरत है संगठन की ।
युवाओ से विनती करते हुऐ कहा कि आप सभी अपनी अपनी राजनितिक विचारधाराऔ के लिऐ स्वतंत्र है। समस्त स्वतंत्र राजनितिक विचारधाराओ के बावजुद युवा आगे आये और समाज कि राजनितिक, आर्थिक, सामाजिक धार्मिक, बौध्दिक एवं सांस्कारिक स्थित एवं परिस्थिति को मजबुत करे ।
इस मंच की यह प्रथम युवा संस्कार कार्यशाला थी। आगामी समय में गांव, तहसील, जिला एवं राज्य स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा और हर परिवार ,गांव ,तहसील,जिला एवं राज्य स्तरीय सदस्यता के आधार पर सबकी अहम सहमति,भूमिका योगदान एवं सुझाव आधारित कमिटियों का गठन किया जायेगा ।
युवाओं को मंच प्रदान करने वाले इस समाज सेवी युवा जागृति मंच को मूर्त रूप दिया जायेगा ।
बडा भया तो क्या भया जैसे पेड़ खजुर
पक्षी को छाया नही फल लगे अति दुर
गरुदेव ने अपने शालिन शब्दो मे समझाया कि समाज के अन्दर अपनी बहुत बड़ी हैसियत होने के बावजुद हम समाज को अपना यथासंभव योगदान नही दे सके तो समाज हमसे क्या उम्मिद रखेगा, इसलिऐ प्रत्येक व्यक्ती अपनी अपनी हैसियत मुताबित अर्थ तन मन धन से निजी स्वार्थ हितो को छोड़कर समाज हित को सर्वोपरी प्राथमिकता मानते हुऐ अपना सहयोग करे ।
अन्त मे गागर मे सागर भरते हुऐ अपने समाज के हर परिवार को संत श्री राजेश्वर भगवान के उपदेशो को आत्मसात करने का शुभाआशिश दिया ।
इस मौके पर गुरुजी ने नशामुक्त समाज अभियान कि शुरुआत करते हुऐ सैकडौ युवाऔ के गले मे राजेश्वर भगवान का स्मृति चिन्ह पहनाकर नशा छोड़ने का संकल्प दिलाया ।
Jay rajeshvar bhagvan
ReplyDelete